Header Ads

  • BREAKING NEWS

    किशोरी क्लब के निधि और कुमकुम गांव-गांव जाकर कर रही है लड़कियों एवं महिलाओं को प्रोत्साहित

    We News 24 Hindi »दरभंगा,बिहार 

    दरभंगा: 14 नवंबर : राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया ने 'किशोरी क्लब' के तहत बिहार के 2 जिलों में असंख्य किशोर- किशोरियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में मिले ज्ञान व अनुभवों को साथ लेकर यह किशोर-किशोरियां संपूर्ण बिहार राज्य में बदलाव की नयी लहर ला रहे है। बीते महीने में 'किशोरी क्लब' में प्रशिक्षित किशोर – किशोरियों का एक समूह बिहार के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे से भी  मिला था। आज उनमें से 2 किशोरी निधि एवं कुमकुम कुमारी ने दरभंगा में संवाददाता सम्मेलन कर अपने अनुभवों को साझा किया। 

    ये भी पढ़े :सीतामढ़ी बाल दिवस पर ,बिंदल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने , कुष्ठ कॉलोनी में कपड़ा किताब कॉपी का वितरण किया

    सिंहवाड़ा प्रखंड के भपुरा गांव की रहने वाली 17 वर्षीय निधि ने कहा कि पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के एक प्रशिक्षण सत्र का हिस्सा हैं। अन्य किशोर-किशोरियों को दिशानिर्देश करने में निधि काफी सक्रिय हैं। इतना ही नहीं निधि ने अपनी एक सहेली, काजल का बाल विवाह होने से रोका। काजल ने अचानक एक दिन स्कूल जाना तथा घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। निधि ने काजल के माता पिता को समझाया की बाल विवाह न सिर्फ गलत है बल्कि गैर कानूनी भी हैं। अपनी मेहनत व दृढ़ निश्चय से निधि ने एक बाल विवाह होने से व एक किशोरी की जिंदगी बर्बाद होने से बचा लिया।

    वहीं, कुमकुम इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्‍सा लिया। 17 साल की कुमकुम कुमारी दरभंगा के सिंघवाड़ा प्रखण्ड के ही कटका गांव की रहने वाली है। पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े 3 दिवसीय प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के बाद कुमकुम न सिर्फ अपने गांव में बल्कि पडोसी गावों में भी जाकर किशोरवस्थया से जुडी जानकारी देती हैं। 

    जब कुमकुम ने अपने गाँव के आंगनवाड़ी केंद्र में किशोरी क्लब से जुडी बैठक करनी चाही तब उन्हें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। लेकिन कुमकुम ने हार नहीं मानी व आखिर आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं को मना ही लिया। इतना ही नहीं बल्कि कुमकुम ने अपने ज्ञान के आधार पर एक महिला जी जान भी बचायी। 

    कुमकुम के ब्लॉक में एक गर्भवती महिला रहती थी जिनके ससुरालवाले चाहते थे की उनके बच्चे की डिलीवरी अस्पताल में न होकर घर पर ही हो। कुमकुम ने न ही उन्हें मनाया बल्कि उस महिले के ससुराल वालों ने कुमकुम को धन्यवाद भी दिया।
    इस मौके पर पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के ऋतु सिंह, दुर्गेश दिवाकर एवं पीआरओ कुन्दन कुमार मौजूद थे।

    अनुज कुमार सिंह द्वारा कियाक गया पोस्ट 

    WE NEWS 24 AID

    Post Bottom Ad