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    Patna:केंद्र से वित् बजट में बिहार को नहीं मिला विशेष सौगात

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    राज्य/पटना/ब्यूरो संवाददाता अमिताभ मिश्रा 

    पटना: बिहार में इस बार चुनावी साल है, । लेकिन इस बजट में बिहार को कुछ नहीं मिला। आम बजट की जहां बिहार में सत्ता पक्ष ने तारीफ की और जनता के लिए अच्छा बजट बताया, वहीं विपक्ष ने बजट को बेकार बताते हुए कहा कि इसमें कोई नई बात नहीं थी। भाजपा नेता व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने नए दशक के पहले बजट को मजबूत देश बनाने एवं विश्व में भारत को आर्थिक रूप से महाशक्ति बनाने वाला बजट बताया है।
    उन्होंने कहा कि इस बजट से भारत विश्व में आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। देश मौजूदा समय में विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है और इस बजट में हर वर्ग  का ख्याल रखा गया है। 

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    वहीं विपक्ष को बजट रास नहीं आया। बिहार के पूर्व वित मंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीक़ी ने कहा कि बजट में कोई नई बात नहीं है। किसानों से लेकर आम लोगों तक के लिए बजट में ऐसी कोई घोषणा नही हुई जिससे उन्हें फ़ायदा मिले। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा से लेकर विशेष पैकेज की घोषणा नहीं हुई। ये बजट बिहार के साथ भेदभाव वाला बजट है।
    कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने बजट को बेहद निराशाजनक बताया और कहा कि इस बजट से आम लोगों को कोई फ़ायदा नहीं मिलने वाला है। बजट पर बिहार की निगाहें टिकी हुई थीं,  लेकिन बजट में ना तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिला और न ही विशेष पैकेज। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश जी तो केंद्र के साथ भी हैं, फिर भी बिहार को कोई फ़ायदा नहीं मिला।

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    विपक्ष के बयान पर जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी इशारों में विशेष पैकेज नही मिलने की कसक जताते हुए कहा कि आम बजट संतुलित है। इसमें हर वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है, लेकिन बिहार को लेकर फ़िलहाल कोई बड़ी घोषणा नही दिखी है। बजट का पूरा आकलन करने के बाद ही देखना होगा कि बिहार को क्या मिला, लेकिन बिहार जैसे राज्य को विकास के लिए बड़ी राशि ज़रूरत तो है ही।
    जानिए बजट की मुख्य बातें...

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     टैक्स स्लैब को लेकर बड़ा ऐलान.....
    -5 से 7.5 लाख रुपये की कमाई तक 10 फीसदी टैक्स देना होगा।
    -7.5 से 10 लाख रुपये की कमाई तक 15 फीसदी टैक्स देना होगा।
    -10 से 12.5 लाख रुपये की कमाई तक 20 फीसदी टैक्स देना होगा।
    -12.5-15 लाख रुपये तक की कमाई तक 25 फीसदी टैक्स देना होगा।
    -2020-21 में शिक्षा के क्षेत्र में 99,300 करोड़ रुपये और कौशल विकास पर 3000 करोड़ रुपये ख़र्च होंगे।

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    -इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए नई स्कीम का ऐलान, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चर को बढ़ावा।
    -मॉर्डन रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, बस स्टेशन, लॉजिस्टिक सेंटर्स बनाए जाएंगे।
    -इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को स्टार्टअप में युवाओं को जोड़ने की अपील की जाएगी।
    -दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे को जल्द ही पूरा किया जाएगा।
    - टैक्स के नाम पर उगाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    -IDBI बैंक की शेष पूंजी को स्टॉक एक्सचेंज में बेचा जाएगा।
    -5 लाख रुपये तक की राशि अब सुरक्षित रहेगी, पहले ये सीमा सिर्फ 1 लाख रुपये की थी।
    -सरकार LIC में अपने हिस्से को बेचेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट दे दी है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया गया है।
    -वित्त मंत्री ने कहा कि 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान 10 फीसदी का है। इस वित्तीय वर्ष में खर्च का अनुमान 26 लाख करोड़ रुपये का है।
    -6000 किमी. वाले हाइवे को मॉनिटाइज किया जाएगा।
    -देश में 2024 तक 100 नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे, 24000 किमी. ट्रेन को इलेक्ट्रॉनिक बनाया जाएगा। ट्रांसपोर्ट में 1.70 लाख करोड़ रुपये का इनवेस्ट किया जाएगा
    -जीएसटी: एक अप्रैल, 2020से नई सरलीकृत रिटर्न व्यवस्था लागू की जा रही है।
    -वित्तमंत्री ने कहा-खेतीबारी को ज़्यादा प्रतिस्पर्धी बनाए जाने की ज़रूरत है।
    -केंद्र सरकार राज्य सरकारों को मॉडल क़ानूनों को अपनाने के लिए उत्साहित करेगी।
    -नागरिक उड्डयन मंत्रालय की मदद से 'कृषि उड़ान' शुरू होगी। पंचायत स्तर पर कोल्ड

    -उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
    -मॉर्डन एग्रीकल्चर लैंड एक्ट को राज्य सरकारों द्वारा लागू करवाया जाएगा।
    -100 जिलों में पानी की व्यवस्था के लिए बड़ी योजना चलाई जाएगी।
    -महिला किसानों के लिए धन्य लक्ष्मी योजना का ऐलान, बीज से जुड़ी योजनाओं में महिलाओं को मिलेगी प्रमुखता।

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    -कृषि उड़ान योजना को शुरू किया जाएगा. इंटरनेशनल, नेशनल रूट पर इस योजना को शुरू किया जाएगा।
    -दूध, मांस, मछली समेत खराब होने वाली योजनाओं के लिए रेल भी चलाई जाएगी।
    -किसान क्रेडिट कार्ड योजना को 2021 के लिए बढ़ाया जाएगा।
    -दूध के प्रोडक्शन को दोगुना करने के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जाएगी
    -मनरेगा के अंदर चारागाह को जोड़ दिया जाएगा।
    -ब्लू इकॉनोमी के जरिए मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा।
    -फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा।
    -आयुष्मान भारत योजना में अस्पतालों की संख्या को बढ़ायी जाएगी।
    -केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे इंद्रधनुष मिशन का विस्तार किया जाएगा।
    -‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने की कोशिश है।
    -स्वास्थ्य योजनाओं के लिए लगभग 70 हजार करोड़ का ऐलान।
    -अब ऑनलाइन डिग्री लेवल प्रोग्राम चलाए जाएंगे।
    -लोकल बॉडी में काम करने के लिए युवा इंजीनियर्स को इंटर्नशिप की सुविधा दी जाएगी।
    उच्च शिक्षा को बेहतर बनाया जाएगा।
    -राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव । 


    बिहार में महंगाई दर देश में सबसे कम
    बजट से पहले शुक्रवार को आर्थिक सर्वे 2019-20 पेश किया गया जिसमें पहली बार ‘थालीनॉमिक्स’ यानी भोजन के अर्थशास्त्र के आधार पर महंगाई व लोगों की क्षमता समझने की कोशिश की गई है। थालीनॉमिक्स में बिहार का भी संदर्भ है। खाने-पीने की दूसरी वस्तुएं तो राज्य में सस्ती हैं, पर मांसाहारी वस्तुएं महंगी हैं।

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