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    Corona virus News :झारखंड के सबसे बड़े अस्‍पताल से भागे 29 कोरोना के संदिग्‍ध मरीज,शासन-प्रशासन में मचा हड़कंप

    We News 24 Hindi »झारखण्ड/राज्य
    रांची/ब्यूरो संवाददाता मनोज तिर्की 

    झारखंड: के सबसे बड़े अस्‍पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्‍थान, रिम्‍स रांची से अब तक कोरोना वायरस के 90 फीसद संदिग्‍ध बिना बताए भाग खड़े हुए हैं। रिम्‍स प्रबंधन को जांच के लिए सैंपल देने के बाद से गायब इन संदिग्‍धों को लेकर शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि टेस्‍ट पॉजीटिव पाए जाने तक ऐसे संदिग्‍ध कई लोगों को अपनी चपेट में ले लेंगे। राज्‍य में महामारी कानून लागू हाेने के बाद रांची, रामगढ़, गिरिडीह, चतरा, गुमला, धनबाद और चाईबासा समेत कई शहरों से कोरोना के अधिसंख्‍य संदिग्‍ध भूमिगत हो गए हैं। ऐसे फरार संदिग्‍धाें की पहचान करने को लेकर स्‍वास्‍थ्य विभाग ने आम लोगों को अलर्ट किया है।

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    90% कोरोना संदिग्ध रिम्स छोड़कर भागे
    कोरोना वायरस के संदिग्धों को राज्य भर से जांच के लिए रिम्स भेजा जा रहा है। ऐसे संदिग्ध आइसोलेशन वार्ड में भर्ती होकर सैंपल देने के बाद अस्पताल प्रबंधन को बगैर सूचना दिए फरार हो जा रहे हैं। मेडिकल टर्म में इसे लामा (लिव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस) कहा जाता है। वे सैंपल देने के बाद अपनी रिपोर्ट का भी इंतजार नहीं कर रहे। रिम्स में अब तक 32 संदिग्ध का सैंपल लिया जा चुका है, जिनमें से  90 फीसद संदिग्ध लामा हो चुके हैं। ऐसे लामा होने वाले संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उनसे संपर्क में आने वालों के लिए भी यह खतरे की घंटी होगी।

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    अस्पताल छोड़कर भागने वालों के खिलाफ FIR
    कोरोना के संदिग्धों के इस रवैये से रिम्स प्रबंधन काफी परेशान है। रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिंह का कहना है कि अगर कोई भी संदिग्ध रिम्स में भर्ती हो रहा है तो उसे तब तक आइसोलेशन वार्ड में रहना है जब तक उसकी रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए। वहीं पॉजिटिव आने पर उसे क्वारंटाइन वार्ड में शिफ्ट कर उचित इलाज किया जाएगा। रिम्स निदेशक ने कहा कि अगर संदिग्ध रिम्स से बिना बताए भाग जा रहे है तो यह उनके संपर्क में आने वालों के लिए खतरे की घंटी है। अगर जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव हो जाता है तो उन सभी को भी कोरोना वायरस होने का खतरा रहेगा जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर लामा हुए मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उनपर मुकदमा भी किया जाएगा। आगरा में ऐसा किया जा चुका है।



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    इधर विदेश से लौटे हजारीबाग के विष्णुगढ़ के पांच युवकों में कोरोना की आशंका को लेकर पिछले पांच दिनों से उन्हें मेडिकल सर्विलांस में रखा गया है। विदेश से आए यात्रियों में से नागी के दो, चानो के एक, करगालो के एक एवं हेठली बोदरा के एक ग्रामीण युवक हैं। ये युवक मलेशिया, श्रीलंका, कतर, म्यांमार से काम कर लौटे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही विष्णुगढ़ के स्थानीय चिकित्सा पदाधिकारी अपनी निगरानी में लेकर उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। उन्हें 28 दिनों तक सतत निगरानी में रखा जाएगा।

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