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    High Voltage Drama:कमलनाथ ने अपनी सरकार बचाने के लिए सिधिया के सामने खेले ये दांव

    We News 24 Hindi »मध्यप्रदेश/राज्य
    भोपाल/ब्यूरो रिपोर्ट

    मध्यप्रदेश: में सरकार बचाने और बनाने की जोड़-तोड़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुहीम तेज हो गई है। भाजपा जहां सिंधिया की मदद से सरकार बनाने की जुगाड़ में है, वहीं भारी संकट से जूझ रही कांग्रेस सरकार को बचाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित पूरी पार्टी ने अपने हथकंडे अपना रही है । 

    कांग्रेस ने मंत्री उमंग के जरिए सिंधिया को भेजे तीन प्रस्ताव 
    पार्टी ने सिंधिया समर्थक मंत्री उमंग सिंघार को आगे ब़़ढाया है, वे सिंधिया को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। उमंग से सिंधिया का संपर्क भी हो गया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक उमंग के जरिए सिंधिया को उक्त तीन तरह के प्रस्ताव भेजे गए हैं। एक, राज्य सभा सदस्य दूसरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद और तीसरा, उनके कोटे से कैबिनेट में तीन-चार और मंत्रियों को शामिल करने का भरोसा दिलाया जा रहा है। आखिरी दांव में पार्टी की कोशिश है कि किसी भी तरीके से सरकार बचा ली जाए। 

    बेंगलुरु गए मंत्री-विधायकों में फूट
    सूत्रों का कहना है कि बेंगलुरु गए सिंधिया समर्थक मंत्री-विधायकों में भी फूट पड़ गई है। कुछ मंत्री जहां वापस कमलनाथ खेमे में आने के संकेत दे रहे हैं। वहीं विधायकों को मंत्री बनाने की पेशकश पर वे भी कमलनाथ सरकार के संपर्क में आ गए हैं। 

    दिल्ली से लौटते ही जल्दबाजी में दिखे कमलनाथ
    इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ के रविवार को अचानक दिल्ली जाने के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य ने नया मोड़ ले लिया था। कमलनाथ में ऐसी जल्दबाजी दिखी कि वे स्टेट हैंगर पर आते ही मुख्यमंत्री निवास निकल गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने मुख्य सचिव एसआर मोहंती, डीजीपी राजेंद्र कुमार और एडीजी इंटेलीजेंस एसडब्ल्यू नकवी सहित कुछ मंत्रियों को भी बुला लिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्री-विधायक अचानक रविवार देर रात से भूमिगत हो गए। वे न तो मोबाइल के नेटवर्क में थे और न ही उनके सुरक्षाकर्मियों को उनकी कोई जानकारी थी।

    मंत्री और विधायकों के बेंगलुरु पहुंचते ही प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया
    हड़कंप मचने के बाद नेताओं के सरकारी दफ्तर, बंगलों और गृह नगरों में इंटेलीजेंस के अधिकारी उनकी लोकेशन ढ़ूढ़ते रहे। सोमवार शाम को जैसे ही इन मंत्री और विधायकों के बेंगलुरु पहुंचने की सूचना मिली तो प्रदेश की सियासत में मानो भूचाल आ गया। उधर, भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी विधायकों को तुरंत भोपाल पहुंचने का फरमान जारी कर दिया है। 


    सोनिया से मिलकर भोपाल लौटे सीएम
    मुख्यमंत्री कमलनाथ सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से संक्षिप्त मुलाकात कर भोपाल लौटे थे। इसके बाद कमलनाथ ने मीडिया से कहा कि राज्यसभा चुनाव और मंत्रिमंडल विस्तार के संदर्भ में अध्यक्ष से मार्गदर्शन मिल गया है। देर शाम करीब साढ़े छह बजे कमलनाथ और राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के साथ जैसे ही भोपाल पहुंचे राजनीतिक हलचल एकाएक तेज हो गई। मंत्री डॉ. गोविंद सिंह व लाखन सिंह को स्टेट प्लेन से भोपाल बुलाया गया है। 


    17 मंत्री-विधायक पहुंचे बेंगलुरु
    प्रदेश के खुफिया सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि मंत्री-विधायक सहित 17 लोग बेंगलुरु में हैं, इन्हें सिंधिया समर्थक माना जा रहा है। इन सभी के एकाएक एकजुट होने को अगले एक-दो दिन में किसी बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बेंगलुरु में ही एक सप्ताह पहले से दो लापता विधायक रघुराज सिंह कंषाना व हरदीप सिंह डंग भी बताए जा रहे हैं।

    सिंधिया समर्थक मंत्रियों के फोन बंद

    लापता विधायकों में शामिल रघुराज सिंह कंषषाना ने सोमवार सुबह 'नईदुनिया' से मोबाइल पर हुई चर्चा में बताया कि वे दिल्ली में हैं। उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया, उनका मोबाइल गुम हो गया था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे होली पर मुरैना स्थित घर पहुंचेंगे। इन मंत्रियों के मोबाइल बंद कंषाना से मोबाइल पर बात के बाद सिंधिया समर्थक छह मंत्री इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, डॉ. प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसौदिया और प्रद्युम्न सिंह तोमर के अलावा विधायक मुन्नालाल गोयल आदि के मोबाइल बंद हो गए। मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास के दौरान मप्र से सिंधिया समर्थक लापता विधायक रघुराज सिंह कंषाना अचानक फोन पर प्रकट हो गए थे। इसके बाद सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायक भूमिगत होने लगे। 

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    येदियुरप्पा के पुत्र को सौंपा प्रबंधन
    बताया जाता है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के बेटे बेंगलुर में मप्र के सभी मंत्री-विधायकों की आव-भगत में विशेष रूप से तैनात किए गए हैं। सोमवार को मंत्री-विधायक समेत 10 लोगों को एक साथ चार्टर्ड प्लेन के जरिए दिल्ली से बेंगलुर पहुंचाया गया है। ये विधायक गए चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु ले जाए गए विधायकों में राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, गिर्राज डंडौतिया, रक्षा सरौनिया, जसमंत जाटव, जजपाल सिंह जज्जी, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़ सहित मंत्री प्रद्मुम्न सिंह तोमर शामिल हैं। इनके साथ सिंधिया के निजी स्टाफ के पुरुषोत्तम पाराशर भी बेंगलुरु जाने वालों में शामिल हैं। बाकी विधायक अलग साधन से वहां पहुंचे।


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