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    चीन ने कोरोना वायरस की जानकारी देने में देरी की : WHO




    We News 24 Hindi »नई दिल्ली 

    विवेक कुमार की रिपोर्ट 

    नई दिल्ली : कोरोना वायरस को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चीन और WHO पर आरोप सही साबित होते नजर आ रहे हैं। दरअसल, कुछ ऐसे दस्तावेज़ सामने आयें हैं जिनमें कोरोना वायरस को लेकर चीन की ओर से साझा की जा रही जानकारियों को लेकर वह चिंतित था कि जानकारियाँ पर्याप्त नहीं हैं और इन्हें समय से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सार्वजनिक रूप से कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी 'तुरंत' उपलब्ध कराने के लिये जनवरी के महीने में चीन की सराहना जारी रखी थी। लेकिन दस्तावेज़ों में यह खुलासा हुआ है कि वह इस बात के लिये चिंतित था कि नए वायरस से उत्पन्न जोखिम का आकलन करने के लिए चीन पर्याप्त जानकारी साझा नहीं कर रहा है और दुनिया का मूल्यवान समय खर्च हो रहा है ।


    वास्तव में, चीन की कई सरकारी प्रयोगशालाओं में इसे पूरी तरह से डि कोड किये जाने के बावजूद चीनी अधिकारियों ने एक हफ्ते से अधिक समय तक घातक वायरस के आनुवंशिक नक्शे, या जीनोम को जारी करने में देरी की थी और परीक्षण, दवाओं तथा टीकों के लिये विवरण साझा नहीं किया था।




    समाचार एजेंसी एपी को प्राप्त आंतरिक दस्तावेज़, ई—मेल और दर्जनों बातचीत संबंधी रिकार्ड में इस बात का खुलासा हुआ है कि चीन की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर सूचना और प्रतिस्पर्धा पर सख़्त नियंत्रण को काफी हद तक दोष दिया गया था । स्वास्थ्य अधिकारियों ने 11 जनवरी को विषाणु विज्ञान की एक वेबसाइट पर एक चीनी प्रयोगशाला द्वारा इस बारे में लेख प्रसारित किये जाने के बाद वायरस के जीनोम की जानकारी सार्वजनिक की थी ।


    विभिन्न आंतरिक बैठकें की रिकार्डिंग के अनुसार इसके बावजूद चीन ने WHO को जरूरी जानकारी देने में दो और हफ्ते की देरी की। समाचार एजेंसी को प्राप्त रिकार्डिंग के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण के वैश्विक प्रसार के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन चीन सरकार की इस बात के लिये सराहना करती रहा कि नये वायरस के अनुवांशिक नक्शे अथवा जीनोम के बारे में 'तुरंत' जानकारी मुहैया कराया है ।


    वैश्विक स्वास्थ्य निकाय के चीन में एक अधिकारी गुआदेन गालेया ने चीन के सरकारी टीवी का जिक्र करते हुये एक बैठक में बताया कि उन्होंने CCTV पर इस जानकारी के आने से 15 मिनट पहले इसे हमारे साथ साझा किया है। महामारी की प्रारंभिक कहानी ऐसे समय में आई है जब संयुक्त राष्ट्र की यह स्वास्थ्य एजेंसी संदेह के घेरे में है।

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    महामारी को छुपाने के लिए चीन के साथ कथित तौर पर मिली भगत करने के लिए एजेंसी पर बरसते हुये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को WHO के साथ सभी संबंध तोड़ लिये थे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दावा करते रहे हैं कि उनका देश हमेशा से विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं दुनिया को जानकारी मुहैया कराता रहा है।

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