Haider Aid

  • Breaking News

    चीन ने नेपाली ज़मीन पर कर रहा कब्‍जा, ड्रैगन से डरने लगा नेपाल ,कहा चीन नहीं हथिया रहा है हमारी ज़मीन


    We News 24 Hindi »काठमांडू/नेपाल/ANI

    काठमांडू:नेपाल के विदेश मंत्रालय ने  मीडिया रिपोर्ट्स में सीमा मुद्दे और चीन द्वारा कुछ इलाकों का गैरकानूनी तरीके से अतिक्रमण करने से जुड़ी खबरों को बिल्कुल गलत बताया है और कहा है कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज के जरिए बयान जारी कर कहा, "यह खबर कृषि मंत्रालय के कथित 'रिपोर्ट' पर आधारित है जिसका खंडन वह पहले ही कर चुकी है और मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण से संबंधित कोई भी रिपोर्ट सामने नहीं आई है और ना ही यह हमारे क्षेत्र में आता है।"

    ये भी पढ़े-रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला,12 अगस्त तक रद्द की गई सभी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की नियमित सेवा


    शीर्ष सरकारी सूत्रों ने मंगलवार (23 जून) को एक जानकारी दी थी, जिसमें कहा गया है कि चीन ने नेपाल के एक गांव पर कब्ज़ा कर लिया है और कथित तौर पर अतिक्रमण को वैध बनाने के लिए गांव के सीमा स्तंभों को हटा दिया है। यह भी पता चला है कि चीन ने धीरे-धीरे कई नेपाली क्षेत्रों में पूर्ण नियंत्रण के एक आगामी उद्देश्य के साथ अतिक्रमण किया है। इस क्रम में चीन का हालिया अतिक्रमण गोरखा जिले के रुई गांव में देखने को मिला है, जो अब चीन के पूर्ण नियंत्रण में है।

    ये भी पढ़े-BJP का कांग्रेस पर हमला, क्यों राजीव गांधी फ़ाउंडेशन को चीन से तीन लाख अमेरिकी डॉलर मिले



    शीर्ष सूत्रों ने आईएएनएस को बताया थी, "चीन ने रुई गांव पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है और लगभग 72 घरों में रहने वाले निवासी अपनी मूल पहचान के लिए लड़ रहे हैं। इससे यह भी पता चलता है कि कैसे नेपाल के वर्तमान शासन ने चीन के सामने घुटने टेक दिए हैं और अब वे भारत विरोधी बयानों और भारत विरोधी गतिविधियों का सहारा ले रहे हैं।

    ये भी पढ़े-चीन के मदद से पाकिस्तान भारत के खिलाफ बना रहा है परमाणु हथियार



    रुई गांव के अलावा, चीन ने नेपाल के 11 स्थानों पर कब्जा कर लिया है। चीन की सीमा से सटे नेपाल के चार जिलों में लगभग 36 हेक्टेयर भूमि पर चीन ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है, लेकिन अभी तक नेपाल सरकार इस बारे में चुप्पी साधे हुए है। चीन ने पिछले दो वर्षों में व्यवस्थित रूप से रुई गांव पर कब्जा किया है।


    सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चीन के आक्रामक राष्ट्रवाद और सैन्य विस्तारवाद और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के नेताओं की नीतियों को को जानते हुए भी नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार चुप्पी साधे हुए है। नेपाल ने अब पाया कि चीन ने पहले ही भागडेर खोला (नदी) क्षेत्र के पास छह हेक्टेयर भूमि और हुमला जिले में करनाली नदी के पास चार हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर लिया है। सिंजेन खोला (नदी) के पास दो हेक्टेयर और रसुवा जिले में भूजुर्क खोला (नदी) के पास एक हेक्टेयर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। चीन ने लामदे खोला से सटे और रासुवा जिले के जंबू खोला के पास तीन हेक्टेयर भूमि और अन्य कई जगहों पर भी कब्जा कर लिया है।

    ये भी पढ़े-LAC पर चीन बढ़ा रहा है विवाद ,मजबूरी में भारत को भी सेना की तैनाती बढ़ानी पड़ी


    स्थानीय नेपाली भाषा में खोला शब्द का अर्थ नदी है। चीनी अवैध कब्जे और नेपाली सीमाओं में बढ़ती घुसपैठ पर आपत्ति जताने के बजाय, केपी शर्मा ओली सरकार अनावश्यक रूप से भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप करना चाह रही है। नए नक्शे के अलावा, ओली सरकार गंडक बैराज में बांध की मरम्मत के काम में बाधा डाल रही है, जिससे मानसून के दौरान बिहार में बाढ़ का खतरा पैदा होता है। सूत्रों ने कहा कि यह भड़काने वाला कदम नेपाल द्वारा चीन के इशारे पर किया जा रहा है, जिसने संक्रामक कोरोना वायरस फैलाकर दुनिया को लाचार बना दिया है। चीन आक्रामक तरीके से अपनी विस्तारवादी नीति पर चल रहा है।

    Header%2BAidWhats App पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 9599389900 को अपने मोबाईल में सेव  करके इस नंबर पर मिस्ड कॉल करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए https://www.facebook.com/wenews24hindi और https://twitter.com/Waors2 पर  क्लिक करें और पेज को लाइक करें

    Post Top Ad

    Post Bottom Ad