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    धर्म चक्र दिवस: पीएम मोदी ने कहा, 'भगवान बुद्ध की शिक्षाएँ विचार और क्रिया दोनों में सरलता सिखाती हैं'




    We News 24 Hindi » नई दिल्ली 

    काजल कुमारी  की रिपोर्ट 

    नई दिल्ली : आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आषाढ़ पूर्णिमा के मौके पर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संघ द्वारा आयोजित धर्म चक्र दिवस समारोह को संबोधित किया। इस आयोजन में प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भी मौजूद रहे।

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    अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संघ द्वारा आयोजित धर्म चक्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जब विश्व असाधारण चुनौतियों से निपट रहा है तो इनका स्थायी समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से मिल सकता है। 


    मोदी ने यहां ‘धम्म चक्र’ दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का अष्टांग मार्ग समाज और राष्ट्रों की कुशलक्षेम की तरफ का रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह करुणा और दया की महत्ता को उजागर करता है।

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    भगवान बुद्ध के उपदेश ‘विचार और कार्य’ दोनों में सरलता की सीख देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आज विश्व असाधारण चुनौतियों से निपट रहा है। इन चुनौतियों का स्थायी समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से मिल सकता है। ये पूर्व में भी प्रासंगिक थे। ये वर्तमान में भी प्रासंगिक हैं और ये भविष्य में भी प्रासंगिक रहेंगे।’’ ‘धम्म चक्र’ दिवस आषाढ़ पूर्णिमा को मनाया जाता है।


    राष्ट्रपति कोविंद बोले- भारत को धर्म की उद्गम भूमि होने पर गर्व 
    इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि भारत को धर्म की उत्पत्ति की भूमि होने पर गर्व है। यह भारत से पड़ोसी क्षेत्रों में फैलने लगा। 

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    वहां नई उपजाऊ मिट्टी और नई जलवायु में यह काफी हद तक बढ़ गया, अंततः विभिन्न ऑफशूटों में बंट रहा है। राष्ट्रपति कोविंद ने इस मौके पर कहा कि आज से लगभग 2500 साल पहले आषाढ़ पूर्णिमा पर पहली बार बुद्धि शब्द बोला गया था। आत्मज्ञान प्राप्त होने पर बुद्ध ने वर्णन से परे एक राज्य में 5 सप्ताह बिताए। फिर उन्होंने उन लोगों के साथ इसे साझा करना शुरू कर दिया, जिन्हें उन्होंने खोजा था।

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