Header Ads

  • BREAKING NEWS

    Health News:कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए अच्छी खबर ,रेमेडिसिवर दावा ने मौत के जोखिम 62 फीसदी कम किया


    We News 24 Hindi » नई दिल्ली 

    अनिल प्रसाद  की रिपोर्ट

    नई दिल्ली :  गिलेड साइंसेज इंक ने शुक्रवार को घोषणा की कि एंटीवायरल दवा  कोरोना संक्रमित रोगियों में मौत के जोखिम को 62 फीसदी तक कम किया है। उसने यह दावा अध्ययन से प्राप्त डाटा के आधार पर किया है। 

    ये भी पढ़े-Bihar News:नेपाल ने खोले वीरपुर बैराज और गंडक बैराज के फाटक, उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया

    गिलेड ने कहा कि रेमेडिसिवर ने मौत की दर को बहुत हद तक कम किया है। इसके साथ ही इस दवा ने गंभीर रोगियों की स्थिति में बहुत हद तक सुधार​ किया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की ओर से क्लिनिकल ट्रायल सफल होने के बाद इस दवा की मांग बढ़ गई। फिलहाल कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में रेमेडिसिवर सबसे कारगर दवा है। 


    दुनिया के कई देशों ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए इस दवा को मंजूरी दे दी है, लेकिन ठीक उसी समय इसकी आपूर्ति को लेकर चिंता भी व्यक्त की गई। वहीं, गिलेड के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मरदाद पारसी ने एक बयान में कहा कि रेमेडिसिवर की पूर्ण उपयोगिता के बारे में समझ को व्यापक बनाने के लिए हम काम कर रहे हैं। 

    ये भी पढ़े-Muzaffarpur News:शनिवार को मुज़फ़्फ़रपुर मार्केट पूरी तरह रहा बंद


    312 रोगियों के डेटा को परखा 
    गिलेड ने अपने अध्ययन में 312 रोगियों के डेटा का विश्लेषण किया। इसके बाद उसकी तुलना गंभीर रूप से बीमार 818 रोगियों से की। उसने 312 मरीजों के एक समूह को पांच या 10 दिन तक रेमेडिसिवर की खुराक दी। वहीं, सामान्य दवा लेने वाले 818 रोगियों के एक समूह की  देखभाल सामान्य तौर पर की गई। 14 दिन के बाद सामान्य दवा लेने वाले 59 फीसदी मरीजों के मुकाबले रेमेडिसिवर से लेने वाले 74.4 प्रतिशत रोगी ठीक हुए। इसके साथ ही जिन रोगियों को एंटीवायरल दवा दी गई उनकी स्थितियों में सुधार होने संभावना लगभग 1.3 गुना अधिक थी।



    ये भी पढ़े-Muzaffarpur News:भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रंजन कुमार ने प्रेस वार्ता कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान पर किया चर्चा


    विश्लेषण के लिए डाटा महत्वपूर्ण 
    सामान्य दवा लेने वाले 12.5 प्रतिशत की तुलना में रेमेडिसिवर से इजाल करने वाले 7.6 फीसदी मरीजों की मौत हुई। कोलंबिया विश्वविद्यालय के इरविंग मेडिकल सेंटर के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. सुसान ओलेंडर ने कहा कि यह विश्लेषण महत्वपूर्ण है। यह नैदानिक ​​परीक्षण डाटा के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इस वायरस की सामूहिक समझ और उसकी असाधारण गति को समझने का प्रयास जारी है। इसके साथ आगे भी हमारा यह प्रयास जारी रहेगा। 

    Header%2BAidWhats App पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 9599389900 को अपने मोबाईल में सेव  करके इस नंबर पर मिस्ड कॉल करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए https://www.facebook.com/wenews24hindi और https://twitter.com/Waors2 पर  क्लिक करें और पेज को लाइक करें

    WE NEWS 24 AID

    Post Bottom Ad