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    Sitamarhi News :कोरोना लक्षण वाले मरीज जाँच के आभाव में दर्दनाक मौत,DPRO ने इसे अफवाह बत्ताया

    शव के साथ सीतामढ़ी समाहरणालय के बाहर घरना पर्दर्शन करते परिजन 


    We News 24 Hindi »सीतामढ़ी/बिहार 

    पवन साह की रिपोर्ट

    #Sitamarhi Corona News 

    सीतामढ़ी:  में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही वजह से एक 31 साल का युवक तड़प-तड़प के अपनी जान दे दी ऐसा आरोप मृतक के परिजन लगा रहे है | ये मामला शनिवार की है एक कोरोना संक्रमित एक बीमार व्यक्ति के सदर अस्पताल के चिकित्सक के पर्ची होने के वावजूद पीड़ित का कोरोना जाँच नहीं किया गया।  इलाज कर रहे चिकित्सक ने परिजनों को कहा की जबतक  वरीय अधिकारी की अनुमति नहीं होगी तबतक कोरोना जाँच नहीं होगा। और चिकित्सक के गैरजिम्मेदाराना रवैया के वजह से डुमरा प्रखंड के मेहसौल गोट वार्ड नंबर-2 के बसवरिया चौक निवासी राजकुमार साह उम्र 31 वर्ष की जान चली गयी।  


    क्या कह रहे है मृतक के परिजन 
    मृतक को  कई दिनों से बुखार, सर्दी-खांसी व सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी। घर वाले उनकी मौत के लिए समय पर कोरोना जांच नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के अभाव में तड़प-तड़पकर राजकुमार ने जान दे दी। आक्रोशित स्वजन शव को एंबुलेंस पर लादकर समाहरणालय पहुंचे और धरना पर बैठक गए। स्वजन सदर अस्पताल के चिकित्सक की वह पर्ची भी दिखा रहे थे जिसपर कोविड-19 जांच के लिए लिखा तो था मगर, जांच हुई नहीं। स्वजन का कहना था कि इलाज कर रहे चिकित्सक ने उन लोगों से कहा कि कोरोना की जांच वरीय अधिकारी की अनुमति के बगैर नहीं हो सकती। 


    अनुमति लेकर आइए तो जांच होगी। समाहरणालय में शव लेकर धरना पर बैठने की सूचना पर डुमरा थानाध्यक्ष नवलेश यादव पहुंचे। उन लोगों को वहां से हट जाने को कहा। मगर वे लोग जब नहीं माने तो उनकी बात सदर एसडीओ कुमार गौरव से कराई। एसडीओ ने कहा कि दाह-संस्कार कर दीजिए। मुतक के बच्चे के लिए कुछ न कुछ किया जाएगा। स्वजन दिखाने लगे सदर अस्पताल की पर्ची

    जिला प्रशासन ने इस मौत को अफवाह बत्ताया 

    जिला प्रशासन के हवाले से डीपीआरओ परिमल कुमार ने कोरोना से मौत की बात को अफवाह करार दिया। कहा कि स्वजन उसकी मृत्यु के बाद शव लेकर सदर अस्पताल पहुंचे थे। यहां तक कह दिया कि जब जांच नहीं हुई तो कोरोना से मौत की बात कैसे कही जा सकती? इस प्रकार प्रशासन इस बात इनकार कर गया कि उसका इलाज सदर अस्पताल में हुआ है। 

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    दूसरी ओर मृतक के पिता दुखा साह ने सदर अस्पताल में बेटे के इलाज की वह पर्ची दिखाई जिसपर राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार लिखा था। मरीज की पंजीकरण संख्या 60820A23119 व टोकन नंबर 23 है। 17 जुलाई को इस मरीज को सदर अस्पताल में देखा गया था। पर्ची पर डॉ. रितेश कुमार तरुण का नाम अंकित है। उधर, डॉ. रितेश तरुण ने इलाज करने व अपने नाम वाली पर्ची की बात तो स्वीकार की लेकिन, यह भी कहा कि उसपर जो भी कुछ लिखा है वो उनकी लिखी हुई नहीं है। मौत के बाद भी नहीं हुई कोरोना जांच ये भी एक बहुत बड़ा सवाल है क्यों नहीं कराया गया कोरोना टेस्ट ?

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