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    कोरोना को लेकर अच्छी खबर ,इसी महीने से मिलने लगेगी कोरोना वैक्सीन ,जाने कैसे ?





    We News 24 Hindi » नई दिल्ली 

    आरती गुप्ता की रिपोर्ट



    नई दिल्ली : कोरोना महामारी से जूझ रहे भारत के लिए अच्छी खबर है। इसी महीने कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड उपलब्ध होने की उम्मीद है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति के आवेदन पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआइ) अगले 10 दिनों के भीतर मुहर लगा सकता है। उसके बाद उसे लोगों तक पहुंचाने में एक हफ्ते का समय लग सकता है। आगरा मेट्रो का शिलान्यास के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को अब वैक्सीन के लिए ज्यादा दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ने अपने आवेदन के साथ ब्रिटेन में हुए दो ट्रायल के साथ-साथ भारत और ब्राजील में हुए ट्रायल का डाटा भी पेश किया है। उन्होंने कहा कि डीसीजीआइ के तहत एक्सपर्ट ग्रुप जल्द ही कंपनी के डाटा की पड़ताल करेगा। उनके अनुसार इसमें कम-से-कम एक हफ्ते का समय लग सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी भी स्थिति में अगले 10 दिन के भीतर वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिल सकती है।


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    अधिकारी ने यह भी साफ कर दिया कि भारत में फिलहाल कोविशील्ड के दो फुल डोज वैक्सीन की ही इजाजत दी जाएगी। इसे विकसित करने वाली आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के अनुसार वैक्सीन की दो अलग-अलग खुराक के अलग-अलग नतीजे सामने आए थे। पहले हाफ और फिर फुल डोज में यह 90 फीसद कारगर पाई गई, वहीं दोनों फुल डोज में यह 62 फीसद कारगर मिली। भारत में सिर्फ दो फुल डोज का ट्रायल हुआ है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट इसका उत्पादन कर रहा है।



    कोविशील्ड का रख-रखाव आसान
    कोविशील्ड की अनुमति मिलने के बाद वैक्सीन का अच्छा-खासा डोज उपलब्ध हो जाएगा, जिससे प्राथमिकता वाले समूहों का आसानी से कवर किया जा सकता है। अदार पूनावाला पहले ही बता चुके हैं कि इस महीने तक कंपनी 10 करोड़ डोज तैयार कर लेगी। और मार्च के बाद हर महीने 10 करोड़ डोज का उत्पादन कर सकेगी। इसका 50 फीसद भारत के लिए उपलब्ध होगा। दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान पर सुरक्षित रहने वाली इस वैक्सीन को भारत में आसानी से कहीं भी लाया, ले जाया और रखा जा सकता है।



    फाइजर ने भी मांगी है अनुमति
    सीरम इंस्टीट्यूट के पहले फाइजर ने भी अपनी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए आवेदन किया था, लेकिन भारत में उसका ट्रायल नहीं होना इजाजत मिलने में सबसे बड़ी बाधा साबित हो सकती है। फाइजर की वैक्सीन को ब्रिटेन और बहरीन में इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिली है। यदि सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड को इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिलती है तो यह दुनिया की दूसरी ऐसी वैक्सीन बन जाएगी। पूनावाला ने ट्वीट कर इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए आवेदन की जानकारी देते हुए कहा कि यह असंख्य जिंदगियों को बचाने का काम करेगा।





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