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    मैथिली के नामचीन साहित्यकार चंद्रनाथ मिश्र ‘अमर’ का निधन,मिथिलांचल में शोक की लहर




    We News 24 Hindi » दरभंगा, बिहार
    राजकुमार   की रिपोर्ट 

    दरभंगा: मैथिली साहित्य के जाने-माने नाम चंद्रनाथ मिश्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। गुरुवार रात आठ बजे उनके दरभंगा स्थित निवासस्थान मिश्रटोला मोहल्ले में उनका निधन हो गया। वह 99 वर्ष के थे। चंद्रनाथ मिश्र मूल रूप से मधुबनी जिले के खोजपुर गांव के रहने वाले थे। उनके पिता स्व. मुक्तिनाथ मिश्र भी बड़े विद्वान थे। 

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    उन्होंने रामेश्वर लता संस्कृत महाविद्यालय में प्रिंसपल के पद से अवकाश प्राप्त किया था। चंद्रनाथ मिश्र भी लहेरियासराय स्थित एमएल एकेडमी स्कूल से शिक्षक के पद से रिटायर हुए थे। मैथिली साहित्य में उनका योगदान बहुत बड़ा रहा। वह मैथिली के प्रसिद्ध कवि और नाटककार थे। मैथिली पत्रकारिता के इतिहास पर इन्होंने शोध किया था, जिसपर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। साहित्य अकादमी के लाइफ टाइम फेलो और कन्वेनर भी रहे थे।

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    चंद्रनाथ मिश्र ने लगभग 60 से ज्यादा साहित्य, कथा संग्रह के साथ आशा दिशा, गुदगुदी, युगचक्र, उनटा पाल आदि कविता संग्रह प्रकाशित किया था। इन्होंने मैथिली की पहली फिल्म ‘कन्यादान’ में किरदार निभाया।नसाल  1988 में चंद्रनाथ मिश्र को साहित्य अकादमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार से नवाजा गया था। 2010 में मैथिली साहित्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इस उम्र में भी वह विद्यापति सेवा संस्थान, दरभंगा के अध्यक्ष पद को संभाल रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही अंतिम दर्शन के लिए लोग उनके घर पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार दिन में दो बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 



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