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    पटना में वर्षा के कारण बाढ़ न आए उसकी पूरी तैयारी 15 जून से पहले कर ले

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     राज्य/पटना/ब्यूरो संवाददाता राज कुमार      


    पटना :
    डीएम कुमार रवि की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में गत वर्ष अत्याधिक वर्षा में पटना में जल जमाव से उत्पन्न हुई आपदा की स्थिति की  पुनरावृत्ति न हो, से निपटने हेतु अबतक किये गए कार्रवाई की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।डीएम द्वारा बताया गया कि सामान्यतः 15 जून से माॅनसून आरंभ हो जाता है। जल-जमाव से पटना शहर प्रभावित न हो इसके लिए बुडको एवं पटना नगर निगम पूरी तैयारी 15 जून से पहले हर हालत में कर लें।

    योजना बनाकर काम किया जाय

    माॅनसून वर्ष 2019 में 27-29 सितम्बर के तीन दिनों में हुई अप्रत्याशित अतिवृष्टि के फलस्वरूप भारी जल-जमाव से प्राप्त अनुभव तथा बाद में इसके लिए गठित उच्च स्तरीय जाँच समिति की अनुशंसाओं के आधार पर भविष्य के लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन कार्य योजना बनाकर काम किया जाय। प्रबंध निदेशक बुडको द्वारा बताया गया कि वर्तमान में स्थापित कुल 39 डी0पी0एस0 (ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन) में 134 पम्प कार्यरत है, जिनकी कुल क्षमता 22135 एच0पी0 है। कुल डी0पी0एस0 में से 11 विशेष तौर पर माॅनसून में चलाए जातेे हैं-कुर्जी, गोसाईटोला, राजापुर न्यू, राजापुर ओल्ड, मंदिरी न्यू, मंदिरी ओल्ड, अंटाघाट, योगपुर एन0बी0सी0सी0 पहाड़ी नयू, पहाड़ी ओल्ड एवं पहाड़ी एन0बी0सी0सी0 तथा शेष 28 साल भर आवश्यकतानुसार चलाए जाते हैं। सभी 39 डी0पी0एस0 पर कुल 135 पम्प स्थापित हैं, इनमें से अभी रामपुर में मात्र एक डीजल पंप स्थायी रूप से खराब है। प्रबंध निदेशक बुडको ने बताया कि स्थायी रूप से खराब इस डीजल पम्प को बदलने हेतु निविदा शीघ्र निकाल कर इसे एक माह के अंदर बदल दिया जायगा। 

    स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया जाय।


    प्रबंध निदेशक बुडको ने बताया कि उच्च स्तरीय जाँच समिति की अनुशंसा के आलोक में 12 मोबाईल डीजल पंप सेट के क्रय हेतु निविदा आमंत्रित की जा चुकी है, शीघ्र क्रय कर ली जायेगी।  सितम्बर, 2019 के जल-जमाव के समय पाया गया था कि कई डी0पी0एस0 के भवन जर्जर थे तथा उनका लेवल नीचा होने के कारण पंप हाऊस में पानी घुस गया और परिचालन बाधित हो गया। प्रबंध निदेशक बुडको ने इस संबंध में जानकारी दिया कि उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा के आलोक में सभी डी0पी0एस0 के Civil Structure की मरम्मति तथा भारी जल-जमाव के समय पंप हाऊस में पानी घुसने से रोकने के लिए जरूरी संरचनाओं का निर्माण कार्य हेतु विस्तृत स्थल जाँच कराते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। डी0पी0एस0 में Dedicated Transformer नहीं है, उनमें उच्च स्तरीय जाँच समिति की अनुशंसा के आलोक में निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं अच्छे वोल्टेज को सुनिश्चित करने के लिए Dedicated Transformer स्थापित करने की कार्रवाई की जाय। उन्होंने महाप्रबंधक पेसू को निर्देश दिया कि फरवरी, 2020 के अंत तक आवश्यकतानुसार इन सभी स्थानों पर Dedicated Transformer स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया जाय।

    नाला चोक होने के कारण पूरा पानी नहीं ले पाता है

     जिन डी0पी0एस0 में Out Fall का नाला चोक होने के कारण पूरा पानी नहीं ले पाता है तथा Back Flow होता है। साथ ही कुछ का नाला जाम रहने के कारण पूरा पानी Back Flow होता है। इन सभी की पहचान कर नाले की क्षमता भी बढ़ाने की आवश्यकता है। यह भी निरीक्षण कर लिया जाय कि नाले में Obstruction होने के कारण पूरा पानी डी0पी0एस0 तक नहीं पहुँच पाता हो तो इन्हें भी ठीक कराया जाय। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, पटना नगर निगम को निर्देश दिया कि उक्त सभी नालों की मरम्मति एवं सफाई एक माह में कराएँ।

    क्षतिग्रस्त ग्रेटिंग की मरम्मति का कार्य

    बुडको एवं नगर निगम के अभियंताओं को बताया कि कुछ डी0पी0एस0 में ग्रेटिंग नहीं लगा होने के कारण कचरे जमा होने से बार-बार पंप का संचालन बाधित होता है। इसके लिए जिलाधिकारी ने प्रबंध निदेशक बुडको को निर्देश दिया कि ऐसे सभी डी0पी0एस0 के इनलेट नालों का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार नया ग्रेटिंग लगाने तथा क्षतिग्रस्त ग्रेटिंग की मरम्मति का कार्य फरवरी माह के अंत तक करा लिया जाय। डीएम को बताया गया कि उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन के अनुसार दानापुर सैनिक काॅलोनी से घुड़दौड़ तक लगभग 60 फीट चैड़ा एवं 03 किलोमीटर लम्बा परम्परागत नाला है, परन्तु लगभग 1.5 किलोमीटर भरकर रोड बना दिया गया है और शेष 1.5 किलोमीटर की उड़ाही नहीं हुई है। 

    उच्च स्तरीय जाँच समिति की अनुशंसा 

    नाले को पूरी लम्बाई में गहरा खोदकर पक्का आर0सी0सी0 कभर्ड नाला बनाने की तथा गोला रोड में RCC Covered Drain बनाकर उक्त 60 फीट चैड़े नाला में मिलाने की अनुशंसा की गई है। उक्त कार्यों का डी0पी0आर0 बनाकर निविदा आमंत्रित करने मानसून पूर्व कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित कर आगे कार्य किया जाय। निदेशक बुडको द्वारा बताया गया कि उच्च स्तरीय जाँच समिति की अनुशंसा के आलोक में दीर्घकालिक दृष्टिकोण से पटना शहर, दानापुर, फुलवारीशरीफ, खगौल तथा आस-पास के नगरीय क्षेत्रों को जल-जमाव से मुक्त रखने के लिए एक समेकित ड्रेनेज प्लान तैयार करने हेतु परामर्शी चयन के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है।डीएम ने निर्देश दिया कि उक्त परामर्शी से नालों से पानी का Flow तथा पंप की निगरानी करने के संबंध में प्लान तैयार कराया जाय। नगर आयुक्त, पटना नगर निगम ने बताया कि पटना शहर में दोबारा जल प्रलय न हो इसके लिए 73 पक्के नाले निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। 

    दोनों तरफ जगह-जगह पर अस्थायी अतिक्रमण

    नूतन राजधानी अंचल में 11 पक्के नाले, पाटलिपत्र अंचल में 14 पक्के नाले, कंकड़बाग अंचल में 5 पक्के नाले, बांकीपुर अंचल में 20 पक्के नाले, पटना सिटी अंचल में 12 पक्के नाले एवं अजीमाबाद अंचल में 11 पक्के नाले का निर्माण किया जाना है, नगर आयुक्त, पटना नगर निगम को निर्देश दिया कि ससमय निविदा कार्य पूर्ण कर मई माह के अंत तक गुणवत्तापूर्ण का कराएँ।
    डीएम ने समीक्षा के क्रम में पाया कि दीघा मेन रोड अशोक राज पथ बाॅक्स नाला से दीघा नहर तक अतिक्रमण है, राजीवन नगर आशियाना दीघा रोड तक नाला के दोनों तरफ जगह-जगह पर अस्थायी अतिक्रमण है|

    बोर्ड काॅलोनी में अस्थायी झोपड़पट्टी

    आशियाना दीघा रोड में सी0आर0पी0एफ0 कैम्प के आगे कमीटी हाॅल के द्वारा बाक्स नाला अतिक्रमित किया गया है, आनन्दपुरी नाला ए0एन0 काॅलेज परिसर में नाला के उपर शौच पम्प बना दिया गया है, ए0एन0 काॅलेज के उत्तर पेट्रोल पम्प के पास आरा मशीन वाला अतिक्रमण कर रखा है, राजीव नगर चौक में रोड सं0-15 में अस्थायी अतिक्रमण है, राजीव नगर मेन रोड में ढक्कन को पिच कोभर कर दिया गया है, मंदिरी नाला-बेली रोड सोना मेडिकल से सम्प जाली तक अस्थायी/स्थायी अतिक्रमण है, मोहनपुर पुनाईचक सम्प हाउस गैस गोदाम रोड के पास अस्थायी अतिक्रमण है, लालबाबु मार्केट पटेल नगर शेखपुरा बिन्दटोल से शास्त्रीनगर मंडल मार्केट से सब्जी मंडी तक अस्थायी अतिक्रमण है तथा गेस्ट हाउस के पीछे बोर्ड काॅलोनी में अस्थायी झोपड़पट्टी है। 

    सभी स्थलों से अतिक्रमण को हटाया जाय

    उन्होंने नगर आयुक्त, पटना नगर निगम तथा अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था को निर्देश दिया कि संयुक्त रूप से टीम बनाकर उक्त सभी स्थलों से अतिक्रमण को हटाया जाय। अतिक्रमण हटाने का अभियान दिनांक-14.02.2020 से पुनः प्रारंभ किया जाय।अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि बादशाही पईन का पक्का अतिक्रमण लगभग हटाया जा चुका है। अतः उक्त की सफाई का कार्य अविलंब शुरू किया जाय। अधीक्षण अभियंता द्वारा बताया गया कि इस माह के अंत में बादशाही पईन के लिए एजेंसी का चयन कर उड़ाही का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बादशाही पईन के बगल में अवैध रूप से लगाये गये बिजली के पोल को भी अविलंब हटाया जाय तथा पूर्ण चैड़ाई में नाला का उड़ाहीकरण किया जाय। 

    पदाधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा शिथिलता न बरती जाय

    प्रबंध निदेशक बुडको एवं नगर आयुक्त, पटना नगर निगम को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय से मई 2020 के अंत तक सभी योजनाओं को पूर्ण कर लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा शिथिलता न बरती जाय। अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर को फुलवारी एवं सम्पतचक में नये नाले के निर्माण के संबंध में तथा अनुमंडल पदाधिकारी दानापुर को दानापुर में नये नाले के निर्माण के संबंध में अविलंब प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया गया। डीएम के द्वारा सभी अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि सौंपे गये सभी कार्यों को ससमय पूर्ण किया जाय। छोटे नालों का कनेक्शन मध्यम नालों से तथा मध्यम नालों का कनेक्शन बड़े नालों से किया जाय तथा पूर्ण जवाबदेही से कार्य किया जाय। सभी नालों की सफाई तथा अतिक्रमण मुक्ति की कार्रवाई हुई है कि नहीं, की जाँच दण्डाधिकारी से मई के अंत में कराया जाएगा, जिसमें जानबूझकर किए गए विलंब तथा त्रृटि को गंभीरता से लिया जाएगा।

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