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    सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं ,अयोध्या मामले में समीक्षा याचिका दायर करेंगे

    We News 24 Hindi »नई दिल्ली
    ब्यूरो संवाददाता रवि कुमार की रिपोर्ट

    नई दिल्ली:एएनआइ/आइएएनएस।अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद  सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वो इस फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन वो इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि वो समीक्षा याचिका दायर भी कर सकते हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे खुश नहीं हैं। उऩ्होंने साथ में यह भी कहा कि भले ही फैसला संतोषजनक न हो, लेकिन इसे लेकर कहीं भी किसी प्रकार का कोई प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।

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    समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार उन्होंने कहा है कि यदि हमारी समिति (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) सहमत होती है तो हम एक समीक्षा याचिका दायर करेंगे। यह हमारा अधिकार है और यह सर्वोच्च न्यायालय के नियमों में भी है। इसे लेकर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। 

    Zafaryab Jilani, All India Muslim Personal Law Board: Respect the verdict but the judgement is not satisfactory. There should be no demonstration of any kind anywhere on it.


    अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं : इकबाल अंसारी
    मामले में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने इसे लेकर कहा, 'मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार फैसला सुनाया, मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं।' सुन्नी वक्फ बोर्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले एक अन्य वकील राजीव धवन ने इसे लेकर कोई जवाब नहीं दिया।

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    Iqbal Ansari, one of the litigants in Ayodhya case: I am happy that Supreme Court has finally delivered a verdict, I respect the judgement of the court.

    कमाल फारुकी बोले- बदले हमें 100 एकड़ जमीन का फायदा नहीं
    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी ने कहा कि विवादित जमीन के बदले हमें 100 एकड़ जमीन भी दें तो कोई फायदा नहीं है। हमारी 67 एकड़ की जमीन पर पहले से ही अधिग्रहित की हुई है, तो वो हमें दान में क्या दे रहे हैं?  हमारी 67 एकड़ जमीन लेने के बाद 5 एकड़ जमीन दे रहे हैं। 



    Kamaal Faruqi,All India Muslim Personal Law Board:Iske badle hume 100 acre zameen bhi de to koi fayda nahi hai.Hamari 67 acre zameen already acquire ki huyi hai to humko daan mein kya de rahe hain vo?Humari 67 acre zameen lene ke baad 5 acre de rahe hain. Ye kahan ka insaaf hai?


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    समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद घयोरुल हसन रिजवी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुसलमान खुश हैं। इससे बेहतर फैसला कुछ नहीं हो सकता था। यह फैसला राष्ट्रीय एकता का प्रतीक होगा। यह भाईचारे और बंधुत्व के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा। उन्होंने समीक्षा याचिका दायर करने को लेकर जिलानी की टिप्पणी की निंदा की और कहा कि मुसलमान जिलानी जैसे लोगों के जाल में नहीं फसेंगे।

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    विवादित जगह को मंदिर के निर्माण के लिए सौंप देना चाहिए

    मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली बेंच ने आज अयोध्या मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। उन्होंने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि 3-4 महीने के भीतर केंद्र सरकार को एक ट्रस्ट बनाने के लिए एक योजना तैयार करनी चाहिए और विवादित जगह को मंदिर के निर्माण के लिए सौंप देना चाहिए।

    मस्जिद के निर्माण के लिए जमीन हो आवंटित

    कोर्ट ने यह भी कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच परामर्श के बाद मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में एक प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन आवंटित की जानी चाहिए।


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