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    विष्णु पुराण धारावाहिक में भगवान सहस्त्रार्जुन का मान मर्दन,विवादित एपीसोड रुकवाने के लिए सांसद रामा देवी का आभार ,देखे वीडियो



    We News 24 Hindi »नई दिल्ली 

    विशाल चौधरी के दीपक कुमार की रिपोर्ट


    नई दिल्ली : फिल्मों और धारावाहिक समाज को नई दिशा दिखाने के लिए बनाया जाता है की हमारे इतिहास और पुराण ग्रंथो से वर्तमान और आने वाले पीढ़ी इससे कुछ सिख ले सके | पर हमारे समाज में कुछ ऐसे भी निर्माता निर्देशक होते है जो अपनी धरावाहिक और फ़िल्मो के बनाते  समय सच और साक्ष्य को ताक पर रख देते है और मिर्च मसाला वाली धारावाहिक और फिल्म बना डालते है वो निर्माता ये भी नहीं सोचते की इससे समाज के अन्दर क्या सन्देश जायेगा और ऐसा ही चरित्र हमारे देश के सेंसर बोर्ड का है |

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    ऐसा ही एक निर्माता है बी आर चोपड़ा जो अपने धारावाहिक को रोमांचक बनाने के लिए इतिहास और पुराण,ग्रंथो  को भी झूठा साबित कर दिया है पौराणिक धारावाहिक विष्णु पुराण जो इन दिनों  दूरदर्शन द्वारा  पुनः प्रसारित किया जा रहा है। इसमें भगवान कार्तवीर्य सहस्त्रार्जुन को बुरी तरह अपमानित किया गया है। 

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    हैहयवंशी कलवार,कलाल,कलार समाज के लोगों ने इस पर आक्रोश व्यक्त करते हुये मामला दिल्ली  दरबार तक पहुंचा दिया । वेदों, पुराणों, उपपुराणों, जैन धर्मग्रन्थों में भगवान सहस्त्रार्जुन को विष्णु भगवान का सुदर्शन चक्रावतार, भगवान दत्तात्रेय का परम भक्त, सिद्धान्तवादी, अहिंसावादी, प्रकृति प्रेमी, शुक्र के स्वामी, संत सम्राट, स्तुतिगामी, रावण विजेता, प्रथम दीपावली के जनक, धन के देवता, चक्रवर्ती सम्राट आदि के रूप में महिमा मंडित किया गया है।

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    कहा गया है कि यज्ञ, दान, तप, पराक्रम, यश, विद्या, विनय, उदारता आदि गुणों में कोई राज राजेश्वर श्री कार्तवीर्य सहस्त्रार्जुन की बराबरी नहीं कर सका। देश में इनके हजारों मंदिर हैं। करीब 15 करोड़ से ज्यादा हैहयवंशी  का   आराध्य देवता हैं। चीन के ताइपेई संग्रहालय में इनकी सहस्त्र भुजाओं वाली प्रतिमा संरक्षित है परन्तु निर्माता निर्देशक बीआर चोपड़ा द्वारा निर्मित धारावाहिक विष्णु पुराण के एपीसोड क्रमांक 49 से 62 में राज राजेश्वर व उनके पुत्रों के चरित्र का हनन करते हुये दर्शाया गया है। जिसमें उन्हें राक्षस प्रवृत्ति, व्यभिचारी, शिक्षा विरोधी, जातिवादी, क्रूर, अहंकारी व दमनकारी शासक बताया गया है।

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    हैहय क्षत्रिय वंश से सम्बन्ध रखने वाले कलचुरी, कलवार, कलाल, कलार, जायसवाल, धुवारे, सूर्यवंशी, मालवीय, चाकसे, शिवहरे, पशीने, अहलूवालिया, दक्षिण भारत में कलाल, सोमवंशी नाइक, विजयन आदि जाति के लोगों ने अपने आराध्य कुल देवता के अपमान पर कड़ी आपत्ति जतायी है। लोगों का कहना है कि कार्तवीर्य के बारे में जो दर्शाया गया है, सब निराधार है। विष्णु पुराण में ऐसा कोई वर्णन है ही नहीं ।


    इसी के विरोध में लगातार दिल्ली के अन्दर प्रयास किया जा रहा था इसमें अहम भूमिका  कलवार,कलार,कलाल,जयसवाल  समाज की सांसद रमा देवी पीठासीन - सभा पति लोकसभा  व चेयरपर्सन -सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संसदीय समिति लोकसभा और कलाल कलवार कलार समाज के माननीय केन्द्रीय मंत्री आयुष मंत्रालय  श्रीपद यसो नाईक और  संघर्ष समिति के  संयोजक एवं राष्ट्रिय कार्यकारी अध्यक्ष  ऐडवोकेट शैलेन्द्र जायसवाल और उनके टीम के जायसवाल बृजेश कुमार गुप्ता , अमित कुमार भगत, जयप्रकाश  जायसवाल, राजेश कुमार जायसवाल,लालचंद जायसवाल, मानिक  जायसवाल, दुर्गेश कुमार जायसवाल ,शंकर चौधरी, नीतिश भगत सचितानंद जायसवाल और उत्तर प्रदेश शामली के बीजेपी नेता सुखचैन वालिया के कठोर प्रयास के बाद  केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने  DD भारती को विष्णु पुराण के विवादित एपिसोड को रोकने के निर्देश दिए |


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